नई दिल्ली:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भारत ने सख्त और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर सकता है और अमेरिका व वेनेजुएला से कच्चा तेल ले सकता है। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फैसले किसी दबाव में नहीं लिए जाते।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और तेल आयात से जुड़े सभी निर्णय राष्ट्रीय हित, वैश्विक बाजार की स्थिति और व्यावसायिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।

विकल्प खुले रखता है। भारत पहले भी वेनेजुएला समेत कई देशों से कच्चा तेल आयात करता रहा है और भविष्य में भी विविध स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने की नीति पर कायम रहेगा।
सरकार के इस बयान को ट्रंप के दावे का सीधा जवाब माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारत साफ संदेश देना चाहता है कि
👉 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों पर कोई राजनीतिक सौदेबाज़ी नहीं होगी।
इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत-अमेरिका संबंधों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।