नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग और उसके प्रभाव को लेकर अहम सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 16 फरवरी को पाँच दिवसीय समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि AI का विकास बुद्धिमत्ता और तर्कशीलता के साथ होना चाहिए, ताकि इसका लाभ समाज को मिल सके। उन्होंने कहा कि इस समिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI का उपयोग जनहित में किया जाए।
पहले दिन भारी भीड़ उमड़ी और भारत मंडपम पूरी तरह भर गया। कई प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया पर भीड़, डिजिटल भुगतान में दिक्कत और पेयजल की कमी को लेकर शिकायतें भी दर्ज कीं।

वैश्विक भागीदारी
इस समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रमुख टेक नेताओं में Sundar Pichai और Sam Altman भी शामिल हैं।
16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में:
- 3,250 से अधिक वक्ता
- 500 से अधिक सत्र
- नीति-निर्माता, शोधकर्ता, स्टार्टअप और वैश्विक टेक कंपनियों की भागीदारी
यह चौथा AI समिट है, इससे पहले यूके, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में इसका आयोजन हो चुका है।
दूसरे दिन की प्रमुख बातें
🔹 AI में महिलाओं की भागीदारी कम
यूएन वीमेन के अनुसार, विश्व स्तर पर AI पेशेवरों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 30% है और शोध भूमिकाओं में यह संख्या 16% है। संगठन ने तकनीक में लैंगिक संतुलन बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
🔹 AI मिशन 2.0 की घोषणा
केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि सरकार AI मिशन 2.0 शुरू करेगी, जिसका फोकस अनुसंधान, नवाचार और तकनीक को आम लोगों तक पहुँचाने पर होगा।
🔹 शिक्षा में AI की भूमिका
ज़ोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक Sridhar Vembu ने कहा कि AI ग्रामीण शिक्षा में बड़ा बदलाव ला सकता है और शिक्षकों को छात्रों तक बेहतर ढंग से पहुँचने में मदद कर सकता है।
🔹 उद्योगों के लिए अवसर
नैसकॉम के अनुसार, AI भारत की कंपनियों के लिए बड़ा अवसर है। इससे नौकरियाँ कम नहीं होंगी, बल्कि भूमिकाओं में बदलाव आएगा।
🔹 स्वास्थ्य क्षेत्र में AI
केंद्रीय मंत्री Anupriya Patel ने कहा कि AI डॉक्टरों के काम का बोझ कम कर सकता है, लेकिन उनकी जगह नहीं ले सकता।
🔹 अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
एस्टोनिया के राष्ट्रपति Alar Karis भी समिट में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे।