देश के रक्षा क्षेत्र मे एक बड़े बदलाव की एनआईवी राखी जा रही है । देश की संसदीय रक्षा समिति ने रक्षा मंत्रालय को सुझाब की भारत को छठी पीड़ी के फाइटर जेट के अधिग्रहण और विकाश के लिए एक मजबूत रणनीति बन्नानी होगी । रक्षा समिति का मानना है की हवाई शक्ति पूरी तरह से अदूनिकता पर केंद्रत है। येसे मे वेसविक स्तर पर शिर्ष पर बनाए रखने के लिए भरतिए वायु सेना को 6g तकनीक पर काम करना अनिवार्य है ।

भारत को रक्षा क्षेत्र मे आत्मनिर्भर बनने के लिए यह सिफारिस एक बड़ा कदम है । 6th पीड़ी के ये विमान न केवल रडार की पकड़ से बाहर होते है। इनमे आर्टफिशल इंटेलीजैसन ओर आधुनिक हतियार का बेजोड़ तालमेल होता है । समिति ने रक्षा मंत्रालय से इस महत्वाकनसी प्रोजेक्ट के एक निश्चित रोडमेप तैयार करने को कहा है। इससे भविष्य की चीनोती का सामना करने के लिए भारत की हवाई सुरक्षा मजबूत होगी
किस किस देश के पास है 5th जेनरेसन के फाइटर जेट
कुछ ही देश के पास ये लड़ाकू विमान है। अमेरिका के पास फ-22 0 र फ़-35 । चीन के पास ज-20 है। ओर रूस के पास su-57 है। भारत का भी amca पर काम चल रहा है जो एक 5th जनरेसन का लड़ाकू विमान है।
6 पीड़ी के लड़ाकू विमान मे खूबी होगी
एक्सपर्ट के अनुसार 6 पीड़ी के लड़ाकू विमान जंग के लड़ने का तरीका बदल देगा इन लड़ाकू विमान मे ai का बड़े पेमाने पर उसयोग होगा । ये बिना पायलेट के भी उड़ सकेगा। इसमे लेजर डायरेक्ट एनरगी वेपन लगे होंगे जो पलक झपकते ही दुशमन की मिसाइल को हवा मे ही नष्ट कर देंगे। और साथ ही साथ ये विमान स्मार्ट स्किल ओर बेहतर साइबर सुरक्षा से लेस होंग जिससे ये दुशमन के एलेट्रॉनिक सिस्टम को जाम कर सकेगे ।