पहले गूंजेगा “वंदे मातरम”, फिर बजेगा “जन गण मन”

केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के नए आदेश के मुताबिक, जब भी किसी आधिकारिक समारोह में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों बजाए जाएंगे — सबसे पहले वंदे मातरम के सभी छह श्लोक गाए जाएंगे, उसके बाद राष्ट्रगान “जन गण मन”।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।
🎯 क्या है नया नियम?
✔️ वंदे मातरम का पूरा आधिकारिक संस्करण (लगभग 3 मिनट 10 सेकंड) गाया जाएगा।
✔️ राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने, राज्यपाल के भाषण और बड़े सरकारी कार्यक्रमों में यह अनिवार्य होगा।
✔️ उसके बाद राष्ट्रगान बजाया जाएगा।
✔️ दोनों गीतों के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़ा होना जरूरी।
🎤 सामूहिक गायन पर जोर
सरकार चाहती है कि ये सिर्फ औपचारिकता न रहे, बल्कि पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से भर जाए।
🔹 कार्यक्रम स्थल पर मजबूत साउंड सिस्टम हो।
🔹 गीत के बोल जरूरत पड़ने पर बांटे जाएं।
🔹 सभी लोग एक साथ सामूहिक गायन करें।
🎓 स्कूलों के लिए भी खास निर्देश
अब स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के साथ हो सकती है।
छात्रों में तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना प्राथमिकता होगी।
🎬 फिल्मों में क्या होगा?
अगर किसी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगान बजता है, तो दर्शकों को खड़े होने की बाध्यता नहीं होगी — ताकि कार्यक्रम में व्यवधान न आए।
🚨 क्यों आया ये फैसला?
सरकार का कहना है कि उद्देश्य है —
👉 राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना
👉 पूरे देश में एक समान प्रोटोकॉल लागू करना
👉 राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना
🔥 कुल मिलाकर…
अब हर बड़े सरकारी मंच पर गूंजेगा पहले “वंदे मातरम” — और फिर “जन गण मन”।
राष्ट्रभक्ति का क्रम तय, नियम सख्त, और प्रोटोकॉल साफ !