समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमारभाटी के एक विवादित बयान के बाद गाज़ियाबाद के कविनगर थाने में FIR दर्ज की गई है। भाटी ने कहा था ” न तो ब्राह्मण अच्छा होता है न ही तवायफ” इसके बाद ब्राह्मण समाज और कई संगठनों में नाराजगी फैल गई। बयान का वीडियोसोशल मीडिया वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर ब्राह्मणों के खिलाफ अपमनजनक टिप्पणी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। एक एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने कवि नगर पुलिस स्टेशन भाजपा नेता अजय शर्मा की शकायत के आधार पर भाटी के खिलाफ BNS की धारा 196(1) (धर्म के आधार पर समूह के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना)के तहत केस दर्ज किया है।

भाटी ने दिया था ये बयान
अपनी शिकायत में शर्मा ने भाटी के खिलाफ सख्त करवाही की मांग की है । क्योंकि उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां की थी जिनसे ” उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई थी” एक वायरल वीडियो में भाटी को यह कहते हुए सुना जा सकता है ” न तो ब्राह्मण अच्छा होता है और ना ही कोई तवायफ”
आल्हा की वीडियो पर भारी विरोध के बाद भाटी ने माफी मांगी और कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को चुनिंदा तरीके से काटकर गलत प्रचार फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। भाटी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का असली चरित्र और नफरत भरी मानसिकता एक बार फिर बेनकाब गई है।
पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मणों के खिलाफ की गई अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणी निंदनीय है और यह पार्टी की मानसिकता को दर्शाती है। पाठक ने कहा कि ब्राह्मण समुदाय जिसने ज्ञान, संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से देश में योगदान दिया है, ऐसी भाषा का हकदार नहीं है ऐसी टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस ने की निन्दा
भाटी के खिलाफ सख्त करवाही की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक एक्स पोस्ट में कहां की ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा बेहद निंदनीय है। विचारधारा में राजनीतिक मतभेद स्वीकारहै, लेकिन पूरे समुदाय का अपमान करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है । सिर्फ माफी मांगना ही काफी नहीं होगा ऐसे गैर जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।