बिजनेस डेस्क | Nexa News Shop
देश की दिग्गज IT कंपनी Infosys एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह है उसका पर्यावरण को लेकर उठाया गया नया और अलग कदम। कंपनी ने वर्क-फ्रॉम-होम करने वाले कर्मचारियों से उनके घर में होने वाली बिजली खपत से जुड़ी जानकारी साझा करने को कहा है।
Infosys का साफ कहना है कि यह पहल कर्मचारियों की निगरानी के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के कार्बन उत्सर्जन को सही तरीके से समझने और संतुलित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

🌱 क्यों उठाया गया यह कदम?
पिछले कुछ सालों में वर्क-फ्रॉम-होम और हाइब्रिड वर्क कल्चर तेजी से बढ़ा है। ऑफिस की जगह अब कर्मचारियों के घर ही उनका वर्कस्पेस बन गए हैं।
ऐसे में बिजली, लैपटॉप, इंटरनेट डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खपत भी बढ़ी है।
Infosys अब यह समझना चाहती है कि
👉 WFH के कारण कुल ऊर्जा खपत कितनी बढ़ी
👉 और इसे ग्रीन एनर्जी या अन्य उपायों से कैसे संतुलित किया जाए
📊 कर्मचारियों से क्या जानकारी मांगी जा रही है?
कंपनी ने कर्मचारियों से स्वेच्छा से जानकारी देने को कहा है, जैसे:
- घर में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
- अनुमानित बिजली खपत
- ऊर्जा बचत से जुड़े उपाय
Infosys ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह डेटा व्यक्तिगत स्तर पर ट्रैक नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल औसत और अनुमान के लिए इस्तेमाल होगा।
♻️ Sustainability की दिशा में बड़ा कदम
Infosys पहले से ही carbon neutral बनने और ESG (Environment, Social, Governance) लक्ष्यों पर काम कर रही है।
कंपनी का मानना है कि अगर WFH के असर को सही तरीके से मापा जाए, तो भविष्य में ज्यादा जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल फैसले लिए जा सकते हैं।
💡 क्यों है यह खबर खास?
- भारत की बड़ी IT कंपनियों में यह पहल बहुत कम देखने को मिली है
- आने वाले समय में दूसरी कंपनियां भी इस मॉडल को अपना सकती हैं
- यह दिखाता है कि WFH सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है
🔍 Nexa News Shop Verdict
Infosys का यह कदम बताता है कि अब कंपनियां सिर्फ मुनाफे पर नहीं, बल्कि पर्यावरण और भविष्य पर भी ध्यान दे रही हैं। वर्क-फ्रॉम-होम के दौर में यह सोच आने वाले समय की दिशा तय कर सकती है।