Nepal ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए Lipulekh Pass रूट पर आपत्ति जताई है। नेपाल का कहना है कि यह इलाका उसके क्षेत्र में आता है और इस फैसले से पहले उससे कोई चर्चा नहीं की गई।
नेपाल सरकार ने दावा किया कि लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा उसके हिस्से हैं और इस मुद्दे को उसने India और China दोनों के सामने उठाया है।

भारत ने नेपाल के दावे को खारिज करते हुए कहा कि लिपुलेख पास कई दशकों से Kailash Mansarovar Yatra का पारंपरिक रास्ता रहा है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि यह कोई नया रूट नहीं है।
भारत ने यह भी कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जा सकता है। अब इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच फिर से चर्चा तेज कर दी है।