मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध से उत्पन्न हुए ऊर्जा संकट के बीच श्रीलंका भूरी तरह संकट में आ गया है । इस मुश्किल वक्त में चीन ने श्रीलंका को अब तक कोई कोई मदद नहीं दी । श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 398 रुपए लीटर हो गई है और डीजल की कीमत बढ़कर 382 रुपए हो गई है । इस संकट के वक्त भारत ने इस द्विपक्षीय। देश बड़ी मदद की है और इस मदद के बाद वहां के विपक्ष के नेता सजिथ प्रेमदासा ने धन्यवाद किया है।
इराइल – ईरान के कारण हॉर्मूज जलमार्ग बंद होने से विश्विक ऊर्जा संकट में भारत ने श्रीलंका को मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत ने आपातकालीन मदद के तौर पर कुल 38000 मैट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद श्रीलंका को भेजा । जिसमें 20000 मीट्रिक टन डीजल और 18000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल है । श्रीलंका ने इस मदद के बाद भारत का आभार जताया है ।
श्रीलंका में स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार यह सप्लाई ऐसे वक्त की हैं जब इजरायल – ईरान युद्ध4 की वजह से ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो चुकी है ऐसे में श्रीलंका को ईंधन के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था । श्रीलंका के प्रमुख विपक्ष के नेता ने खुले दिल से भारत की तारीफ की भारत का धन्यवाद दिया और कहा सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल वक्त में होती है और भारत ने इस संकट के समय साथ दे कर साबित कर दिया कि वह एक सच्चा मित्र देश है।

चीन की तरफ से नहीं आई कोई मदद
यहां गौर करने वाली बात यह है कि श्रीलंका ने इसी साल जनवरी में चीन के नियंत्रण वाले हंबनटोट बंदरगाह के पास 200000 बैरल क्षमता वाली तेल रिफाइनरी बनाने के लिए चीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी सिनोपेक के साथ 3.7 अरब डॉलर का समझौता किया था ।