करोड़ो श्रद्धालुओं को पवित्र चारधाम यात्रा का इंतजार है साल रहता है। इस चारधाम यात्रा का महत्व हिन्दू धर्म में बहुत बड़ा है और इस यात्रा को जीवन में एकबार जरूर करना चाहिए । धार्मिक लोग इस यात्रा को करने से मोक्ष के मार्ग खुलते है और पाप का नाश होता है ऐसा मानते है।

शुभमहुरत में होती है यात्रा
वेदिक पंचांग के अनुसार इस पवित्र यात्रा की शुरुआत साल के अक्षय तृतीया के दिन होती है । इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है । इसीलिए चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को चालू होगी ।
कब पड़ेगी अक्षय तृतीया?
पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी । वही इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7बजकर 27 मिनट पर होगा ।पंचांग को देखते हुए अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जायेगा।
कौन कौन सी यात्रा करनी पड़ती है चारधाम में ?
- यमुनोत्री धाम – यह यमुना नदी का पावन स्थल है यहां स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है
- गंगोत्री धाम – मां गंगा के इस पावन तट पर आने से साधक के जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते है।
- केदारनाथ धाम – भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक उस धाम भक्तों को महादेव की कृपा पाने का शुभ अवसर देता है
- बदरीनाथ धाम – यह धाम भगवान विष्णू को समर्पित है ऐसा माना जाता है कि यह के दर्शन मात्र से व्यक्ति को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति मिल जाती है ।
अस्वीकरण: – इस लेख में बताए गए उपाय / लाभ/ सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए है। इस लेख में निहित जानकारी भिविन्न माध्यमों ज्योतिष /पंचांग/ प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रन्थो/दंतकथाओं से संग्रहित की गई है पाठकों से अनुरोध5है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न माने एवं अपने विवेक का उपयोग करे