बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बाद बुधवार को एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए। इन सर्वेक्षण में तस्वीर पूरी तरह एक तरफा नहीं है लेकिन अधिकांश एजेंसियों ने भाजपा को भारत में दिखाया है। वही कई सर्वे ऐसे भी है जो टीएमसी को सत्ता में वापसी करते हुए दिख रहे हैं ।
कुल मिलाकर लगभग सभी एग्जिट पोल में दोनों दालों के बीच कड़ी और कांटे की टक्कर का संकेत मिला है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है । 2021 के चुनाव में TMC ने 213 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन इस बार एग्जिट पॉल मुकाबला को कहीं ज्यादा दिलचस्प बना रहे हैं।
सर्वे में भाजपा को बढ़त
मैट्रिज के एग्जिट पॉल के अनुसार भाजपा 146 से 161 जीत सकती हैं जबकि टीएमसी को 125 से 140 सीटे मिलने का अनुमान है । अन्य दलों को 6 से 10 सीटे मिल सकती है जबकि वाम और कांग्रेस का खाता नहीं खुलने की संभावना जताई गई है ।
चाणक्य स्ट्रेटजी के सर्वे में भाजपा को 150 से 160 सीटों साथ बहुमत के पार दिखाया गया है, जबकि टीएमसी को 130 से 140 सीटें सकती है । पी – मार्क के मुताबिक भाजपा 150 से 175 सीटे जीत सकती है टीएमसी 118 से 138 सीटों के बीच रह सकती है ।
प्रजा पोल ने भाजपा को और भी मजबूत स्थिति में दिखाई हुए 178 से 208 सीटें मिलने का अनुमान जताया है , जबकि टीएमसी को 85 से 110 सीटे मिल सकती है ।पोल डायरी के सर्वे में भाजपा को 142 से 171 सीटे और टीएमसी 99 से 127 मिलने की संभावना जताई गई है ।

TMC को बढ़त देने वाले सर्वे
वहीं कुछ एजेन्सीयो ने टीएमसी की वापसी का दावा किया है । पीपल्स पल्स के सर्वे में टीएमसी को 178 से 189 सीटे मिलने का अनुमान है , जबकि भाजपा 95 से 110 सीटे के बीच रह सकती है ।
जनमत पोल्स के अनुसार टीएमसी 195 से 205 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रख सकती है। भाजपा को 80 से 90 सीटे मिलने की संभावना है । जेवीसी के सर्वे में मुकाबला बेहद करीबी बताया गया है , जिसमें टीएमसी को 131 से 152 सीटें और भाजपा को 138 से 159सीटें मिल सकती है
वाम – कांग्रेस काफी पीछे
लगभग सभी एग्जिट पोल में बम दलों और कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब दिखाई दे रही हैं। अधिकांश सर्वे में इन दोनों दालों का खाता तक नहीं खुलने की संभावना जताई गई है या फिर उन्हें एक से तीन सीटों तक सीमित बताया गया है।
हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे हमेशा अंतिम परिणाम से मेल खाएं ऐसा जरूरी नहीं। भारत के चुनावी इतिहास में कई बार एक्जिट पोल गलत भी साबित हुए हैं। आप सबकी नजर 4 मई पर टिकी है , जब मतगणना होगी और यह साफ हो जाएगा कि सत्ताकी असली चाबी किसके हाथ में जातीहै।