कर्नाटक की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला है, जहां कांग्रेस नेता अब्दुल जब्बार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मुस्लिम समुदाय के अंदर आपसी मतभेद बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के अंदर विचारों को लेकर असहमति चल रही थी। मुस्लिम नेताओं के बीच नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को लेकर मतभेद गहराते जा रहे थे, जिसके चलते स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। इसी विवाद के बीच अब्दुल जब्बार ने पद छोड़ने का निर्णय लिया।

सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने इस्तीफे में संगठन के अंदर चल रहे मतभेदों और असंतोष को प्रमुख कारण बताया है। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में काम करना मुश्किल हो गया था, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।
इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहा है, जबकि पार्टी के भीतर इसे संभालने की कोशिशें जारी हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस आंतरिक संकट से कैसे निपटती है और इसका चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ता है।