भारत के फाइटर जेट प्रोग्राम को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने इंजन सप्लाई में लगातार हो रही देरी पर GE Aerospace पर पेनल्टी लगानी शुरू कर दी है।
Tejas Mk-1A के लिए 2021 में 99 इंजनों का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 6 इंजन ही मिल पाए हैं। इस वजह से HAL Tejas की डिलीवरी भी अटक गई है और पूरा प्रोजेक्ट स्लो हो गया है।
HAL का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट में देरी पर जुर्माने का साफ प्रावधान है, इसलिए हर लेट सप्लाई पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं GE ने देरी के पीछे सप्लाई चेन की दिक्कतें बताई हैं और साल के अंत तक ज्यादा इंजन देने का आश्वासन दिया है।

इस बीच एक राहत भरी खबर भी है। भारतीय वायुसेना का मौजूदा Tejas बेड़ा, जो कुछ समय से ब्रेक सिस्टम की तकनीकी समस्या के कारण उड़ान नहीं भर पा रहा था, अब जल्द ही फिर से ऑपरेशन में आ सकता है।
हालांकि असली चुनौती अभी भी बनी हुई है। HAL हर साल 24 विमान बनाने की क्षमता रखता है, लेकिन इंजन की कमी इस रफ्तार को रोक रही है। अगर सप्लाई समय पर नहीं सुधरी, तो इसका असर सीधे वायुसेना की ताकत पर पड़ सकता है।