अच्छी खासी संख्या मे मुस्लिम वोटर असम मे है , मुलाना बदरुदीन अजमल ने अपनी राजनिती इन्हीं के सहारे खड़ी की है । अजमल के समर्थन में ओबेसी के उतरने से मौलाना महमूद मदनी चिंतित हो गए है और उन्होंने अजमल को अल्टीमेटम तक दे दिया है
ओबेसी खुद को मुस्लिन चेहरे के तौर पर स्थापित करने में जुटे है यह बात जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख को रास नहीं आ रही ,उन्होंने ओबेसी संप्रदायक नजर आते है असम विधानसभा चुनाव में मौलाना बदरुद्दीन अजमल के लिए ओबेसी प्रचार में उतरे। इससे मदनी का पारा और चढ़ गया , उन्होंने बदरुद्दीन अजमल को जमीयत से बाहर निकालने तक का अल्टीमेटम दे दिया है

असम विधानसभा चुनाव में ओबेसी ने अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा , उन्होंने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी को समर्थन किया है। और बदरुद्दीन अजमल के लिए ओबेसी चुनाव प्रचार करने भी उतरे और मुस्लिमों से उन्हें जितना की अपील की ,
बदरुद्दीन अजमल के समर्थन में ओबेसी का चुनाव प्रचार करना मौलाना मदनी को हजम नहीं हो पा रहा है , मौलाना महमूद मदनी की तरफ से बदरुद्दीन अजमल को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है कि आपने एक संप्रदायक पार्टी का समर्थन लिया है जो जमीयत के असूल के खिलाफ है , नोटिस का जाबाज नहीं दिया गया तो अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।